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हिमालय की एक बर्फीली गुफा में दो किशोर साधक शंकर और पारस ध्यान में लीन थे। दोनों समान वयस के थे। दोनों की आयु करीब पंद्रह वर्ष की थी। शंकर लम्बा,सांवला हल्की मुस्कराहट लिये चहरे वाला नवयुवक था। जबकि पारस औसत लंबाई का गोरा नव युवक था। शंकर की नाक थोड़ी चौड़ी थी आँखें बड़ी और काली जबकि पारस की नाक पतली और आगे तोते की तरह मुड़ी थी एवं आंखे बड़ी और नीली थीं। दोनों के शरीर हृष्ट पुष्ट थे। उन्होंने सूती कुर्...
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हिमालय की एक बर्फीली गुफा में दो किशोर साधक शंकर और पारस ध्यान में लीन थे। दोनों समान वयस के थे। दोनों की आयु करीब पंद्रह वर्ष की थी। शंकर लम्बा,सांवला हल्की मुस्कराहट लिये चहरे वाला नवयुवक था। जबकि पारस औसत लंबाई का गोरा नव युवक था। शंकर की नाक थोड़ी चौड़ी थी आँखें बड़ी और काली जबकि पारस की नाक पतली और आगे तोते की तरह मुड़ी थी एवं आंखे बड़ी और नीली थीं। दोनों के शरीर हृष्ट पुष्ट थे। उन्होंने सूती कुर्...
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